सारा अलकरौत
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AI की मदद से ज्ञान का भंडार तैयार करने के इस युग में यह नया क्लासिफ़िकेशन सिस्टम, पारदर्शिता का नया स्टैंडर्ड स्थापित करता है
दुबई ने शोध, प्रकाशन और आम जनता के लिए कॉन्टेंट तैयार करने की प्रक्रिया में, इंसान और मशीन के बीच होने वाले आपसी सहयोग को दर्शाने के लिए दुनिया का सबसे पहला आइकन-आधारित क्लासिफ़िकेशन सिस्टम लॉन्च किया है।
Dubai Future Foundation (DFF), द्वारा विकसित किए गए ह्यूमन–मशीन कोलैबरेशन (HMC) आइकन्स पारदर्शिता का एक नया ग्लोबल स्टैंडर्ड पेश करते हैं, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि निर्माण की पूरी प्रक्रिया के दौरान इंसान और AI ने किस हद तक साथ मिलकर काम किया। इस क्लासिफ़िकेशन का मुफ़्त में इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी एकरूपता कॉपीराइट की गई है और यह दुनिया भर के शोधकर्ताओं, प्रकाशकों और कॉन्टेंट क्रिएटर्स के लिए खुले तौर पर उपलब्ध है।
दुबई के क्राउन प्रिंस, उपप्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और DFF के ट्रस्टी बोर्ड के चेयरमैन,महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, ने कहा: “इंसानों और AI द्वारा जेनरेट किए गए कॉन्टेंट के बीच फ़र्क करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसीलिए हमने यह नया फ़्रेमवर्क लॉन्च किया है, जो हर तरह के कॉन्टेंट के लिए इंसानों और मशीनों के बीच होने वाले सहयोग का स्तर निर्धारित करता है।
माननीय ने आगे कहा, “हम दुनिया भर के शोधकर्ताओं, लेखकों, प्रकाशकों, डिज़ाइनर्स और कॉन्टेंट क्रिएटर्स को यह नया ग्लोबल क्लासिफ़िकेशन सिस्टम अपनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
आउटपुट या ऑथरशिप पर फ़ोकस करने वाले मौजूदा टूल्स के विपरीत, HMC आइकन्स विचार प्रक्रिया और डेटा विश्लेषण से लेकर लेखन, अनुवाद और डिज़ाइन तक कार्य के हर प्रोसेस पर फ़ोकस करते हैं। यह सिस्टम रिसर्च पेपर, रिपोर्ट, विज़ुअल कॉन्टेंट और शैक्षणिक सामग्री पर लागू होता है।
इस क्लासिफ़िकेशन सिस्टम में पाँच मुख्य आइकन हैं, जो इंसानो और मशीन के बीच होने वाले आपसी सहयोग को दर्शाते हैं (पूर्णतः इंसानी से पूर्णतः मशीनी तक) और साथ ही नौ फ़ंक्शनल आइकन भी हैं, जो दर्शाते हैं कि प्रोसेस के कौन-कौन से खास हिस्सों में मशीन का योगदान रहा। ये फ़ंक्शनल आइकन हैं: विचार-प्रक्रिया, साहित्य की समीक्षा, डेटा कलेक्शन, डेटा विश्लेषण, डेटा की व्याख्या, लेखन, अनुवाद, विज़ुअल्स और डिज़ाइन।
इन आइकन्स का इस्तेमाल करके, संस्थान और लोग, AI के ज़िम्मेदाराना इस्तेमाल का प्रदर्शन कर सकते हैं, रिसर्च प्रोडक्शन में इंसानी लीडरशिप को सशक्त बना सकते हैं और मशीन लर्निंग टूल्स का ज़्यादा-से-ज़्यादा इस्तेमाल करने वाले इस दौर में भरोसे को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह सिस्टम 2024 में Dubai Future Foundation में जारी की गई ग्लोबल 50 रिपोर्ट में उठाए गए एक सवाल के जवाब में विकसित किया गया था। यह सवाल था: ‘क्या इंसानी बुद्धिमता की श्रेष्ठता को साबित करने के लिए, 'ट्यूरिंग डिक्लेरेशन' जैसी कोई कसौटी हो सकती है?’ दुबई ने HMC आइकन्स के रूप में इसी सवाल का जवाब दिया है: यह एक व्यावहारिक फ़्रेमवर्क है, जो रिसर्च की अखंडता और कॉन्टेंट की पारदर्शिता के संदर्भ में एक नया बेंचमार्क सेट करता है।
आइकन्स डाउनलोड करने और अधिक जानकारी पाने के लिए dubaifuture.ae/hmcपर जाएँ।
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