Opaque के लिए
जेनिफ़र देवान
नई सुविधाओं की बदौलत, क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए तैयार किए गए हार्डवेयर-एन्फ़ोर्स्ड, वेरिफ़ाई करने योग्य नियमों और क्रिप्टोग्राफ़िक गारंटी के साथ, सबसे संवेदनशील और विनियमित डेटा पर AI एजेंट्स को सुरक्षित रूप से तैनात करना संभव हो पाता है।
कैलिफ़ोर्निया के सैन फ़्रांसिस्को में स्थित कॉन्फ़िडेंशियल AI कंपनी OPAQUE ने आज घोषणा की कि उसने आबू धाबी के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी रिसर्च काउंसिल (ATRC) के एप्लाइड रिसर्च के मुख्य संस्थान, टेक्नोलॉजी इनोवेशन इंस्टिट्यूट (TII) से बेहतरीन AI क्रिप्टोग्राफ़िक टेक्नोलॉजी हासिल कर ली हैं। ली गई टेक्नोलॉजी की वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल के मामलों में पहले ही पुष्टि हो चुकी है — OPAQUE के प्लैटफ़ॉर्म में दो ज़रूरी सुविधाएँ जोड़ती है: मल्टी-पार्टी कंप्यूटेशन और पूरी तरह से होमोमॉर्फ़िक एन्क्रिप्शन जैसी बेहतरीन क्रिप्टोग्राफ़िक टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित कॉन्फ़िडेंशियल AI मॉडल ट्रेनिंग और साथ ही पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफ़िक सुरक्षा।
UC Berkeley के RISELab के शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित OPAQUE, इस अधिग्रहण के साथ अब ट्रेनिंग और इन्फ़रेंस के दौरान कॉन्फ़िडेंशियल AI वर्कफ़्लो को सपोर्ट करता है, जिससे एंटरप्राइज़ अलग-थलग AI प्रयोगों से आगे बढ़ते हुए 4-5 गुना तेज़ी से उत्पादन कर सकते हैं।
यह अधिग्रहण संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाहयान के सलाहकार और ATRC के महासचिव, महामहिम फ़ैसल अल बन्नाई और OPAQUE के सह-संस्थापक और बोर्ड के सदस्य, Databricks के सह-संस्थापक और UC Berkeley में कंप्यूटर साइंस के प्रोफ़ेसर, आयन स्टोइका की देखरेख में हुआ है। यह पहली बार है कि जब यूएई में विकसित AI की क्रिप्टोग्राफ़िक टेक्नोलॉजी को किसी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ने हासिल और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार और ATRC के महासचिव, महामहिम फ़ैसल अल बन्नाई ने कहा, "यह अधिग्रहण यूएई के बड़े इरादे को दर्शाता है – और यह इरादा है एक ऐसी बुनियादी टेक्नोलॉजी तैयार करना, जिसे दुनिया अपनाए।" "आबू धाबी में विकसित क्रिप्टोग्राफ़िक AI सुविधाओं को अब अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल कर रही है। यूएई सिर्फ़ AI अर्थव्यवस्था को अपना ही नहीं रहा है, बल्कि उसमें लीडर की भूमिका भी निभा रहा है। ATRC ऐसे शोध में निवेश करता रहेगा, जिससे अगली पीढ़ी के भरोसेमंद AI को बढ़ावा मिलता है।”
OPAQUE के सह-संस्थापक, आयन स्टोइका ने कहा, "AI का भविष्य उन डेटा को अनलॉक करने पर निर्भर करता है, जिन्हें ऑर्गनाइज़ेशन अब तक कभी भी छू नहीं पाए हैं।" "ज़्यादातर एंटरप्राइज़ के पास डेटा का एक ऐसा संग्रह होता है, जिन्हें संवेदनशीलता के लिहाज़ से इस्तेमाल करना मुश्किल होता है, लेकिन वे इतने ज़रूरी होते हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता है। इस अधिग्रहण के साथ, OPAQUE एकमात्र ऐसा प्लैटफ़ॉर्म बन गया है, जो AI के पूरे लाइफ़साइकल — ट्रेनिंग, फ़ाइन-ट्यूनिंग, इन्फ़रेंस और एजेंट्स — के दौरान हार्डवेयर द्वारा प्रमाणित क्रिप्टोग्राफ़िक सबूत देता है और इसमें क्वांटम युग के खतरों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किए गए सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। आज बाज़ार में ऐसा कॉम्बिनेशन कहीं भी देखने को नहीं मिलता है।"
OPAQUE के चीफ़ एक्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर, आरोन फ़ल्कर्सन ने कहा, “AI एजेंट बेहद शक्तिशाली होते हैं: वे मशीन की गति से काम करते हुए इंसानों जैसी क्षमताओं का इस्तेमाल करते हैं और कुछ ही दिनों में उस काम को पूरा कर देते हैं, जिसे सारी टीमें मिलकर भी मुश्किल से एक साल में पूरा कर पाती हैं।” “इसी ताकत की वजह से उन्हें प्रोडक्शन में लाना इतना मुश्किल है। संवेदनशील सिस्टम या विनियमित डेटा — जैसे कि मरीज़ के रिकॉर्ड, क्लिनिकल रिसर्च, वित्तीय दावे — की जानकारी रखने वाला एजेंट कुछ ही दिनों में इतना नुकसान पहुँचा सकता है, जितना नुकसान धोखेबाज़ों से भरी पूरी एक टीम एक साल में भी नहीं पहुँचा सकती। उन्हें सुरक्षित रूप से डेप्लॉय करने का एकमात्र तरीका हार्डवेयर-एन्फ़ोर्स्ड, वेरिफ़ाई करने योग्य नियमों का इस्तेमाल करना है: यानी इस बात का प्रमाण देने योग्य सबूत कि क्या रन किया गया, कहाँ रन किया गया और कौन-से नियम लागू किए गए। हर प्रमुख क्लाउड प्रोवाइडर के प्रिमिटिव का इस्तेमाल करके, OPAQUE एजेंट्स को प्रोडक्शन में लाना संभव बनाता है — यहाँ तक कि सबसे संवेदनशील और सबसे विनियमित सिस्टम और डेटा पर भी।”
एंटरप्राइज़ के पास बड़ी मात्रा में संवेदनशील डेटा होता है — जैसे कि मरीज़ों के रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, गोपनीय खुफ़िया जानकारी, प्रॉपराइटरी रिसर्च — जिससे उनकी AI क्षमताओं में बदलाव हो सकता है। हालाँकि, AI के पूरे लाइफ़साइकल के दौरान उस डेटा का इस्तेमाल करने के लिए, कई वेंडर्स के पॉइंट सॉल्यूशंस को एक साथ जोड़ने की ज़रूरत पड़ती है, जिनमें से हर एक अलग-अलग चरण को कवर करता है: पहला ट्रेनिंग के लिए, दूसरा इन्फ़रेंस के लिए और तीसरा एजेंट वर्कफ़्लो के लिए। इसका नतीजा कमियाँ, मुश्किल और जोखिम के तौर पर सामने आता है, जिन्हें कंप्लायंस टीमें स्वीकार नहीं करेंगी।
OPAQUE उन कमियों को दूर करता है। अधिग्रहित टेक्नोलॉजी से OPAQUE के कॉन्फ़िडेंशियल AI प्लैटफ़ॉर्म का दायरा ट्रेनिंग, फ़ाइन-ट्यूनिंग, इन्फ़रेंस और AI एजेंट एक्ज़िक्यूशन तक बढ़ जाता है। यह हर चरण में वेरिफ़ाई करने योग्य गारंटी देती है, जिसके पीछे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफ़ी का सहारा है, जो वर्कलोड को मौजूदा और भविष्य के खतरों से सुरक्षित रखती है। उदाहरण के लिए, ServiceNow अपने एंटरप्राइज़ ग्राहकों के डेटा को ज़ाहिर किए बिना उन्हें AI क्षमताओं का फ़ायदा देने के लिए प्रोडक्शन में OPAQUE का इस्तेमाल करता है। एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अलग-अलग न्यायक्षेत्रों के मरीज़ों के डेटा का इस्तेमाल करके डायग्नोस्टिक मॉडल्स को ट्रेनिंग दे सकती है, अलग-अलग संस्थानों में अनुमान लगा सकती है और लाइव क्लिनिकल डेटा पर AI एजेंट्स को तैनात कर सकती है—यह सब एक ही प्लैटफ़ॉर्म पर किया जा सकता है। यह प्लैटफ़ॉर्म SOC 2, ISO 27001, ISO 42001, GDPR अनुच्छेद 32 और EU AI अधिनियम के उच्च जोखिम वाले दायित्वों के अनुरूप हार्डवेयर-एन्फ़ोर्स्ड सबूत जनरेट करता है, जो यह साबित करता है कि डेटा की निजता बनी रही, नीतियों को लागू किया गया और नियामक शर्तों को पूरा किया गया।
सबसे ज़रूरी बात यह है कि OPAQUE के आर्किटेक्चर का मतलब है कि क्रिप्टोग्राफ़िक एनफ़ोर्समेंट की जड़ें हार्डवेयर में हैं, न कि वेंडर पर भरोसे में। ग्राहक डेटा — जिसमें सॉवरेन AI प्रोग्राम और रेगुलेटेड एंटरप्राइज़ द्वारा प्रोसेस किया गया डेटा भी शामिल है — भरोसेमंद एक्ज़िक्यूशन एनवायरनमेंट और वेरिफ़ाई करने योग्य अटेस्टेशन द्वारा सुरक्षित रहता है, जिसे OPAQUE भी ऐक्सेस नहीं कर सकता। इससे यह प्लैटफ़ॉर्म दुनिया भर में सॉवरेन क्लाउड इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर डेटा रेज़िडेंसी के क्रिप्टोग्राफ़िक प्रूफ़ के साथ डिप्लॉय किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय AI प्रोग्राम ऑन-सॉयल डेटा कंट्रोल या न्यायिक संप्रभुता को छोड़े बिना कॉन्फ़िडेंशियल AI को अपना सकते हैं।
हाई-स्टेक इंडस्ट्री में, जहाँ भी AI सिस्टम संवेदनशील डेटा पर निर्भर करते हैं, वहाँ ऐसी ही चुनौतियाँ सामने आती हैं: जैसे कि विनियामक क्षेत्राधिकारों में धोखाधड़ी के मॉडल्स को प्रशिक्षित करने वाले बैंक, गोपनीय खुफ़िया जानकारी के आधार पर फ़ाइन-ट्यूनिंग करने वाले डिफ़ेंस कॉन्ट्रैक्टर, ग्राहक डेटा से संबंधित प्रोडक्ट में AI को एम्बेड करने वाले सॉफ़्टवेयर वेंडर।
यह अधिग्रहण OPAQUE के $300 मिलियन के मूल्यांकन पर $24 मिलियन के सीरीज़ B के बाद हुआ है और इसके आधार में ServiceNow, Anthropic, Accenture और Encore Capital जैसी कंपनियों का कस्टमर बेस शामिल है। अधिग्रहित टेक्नोलॉजी के साथ, OPAQUE ट्रेनिंग, फ़ाइन-ट्यूनिंग, इन्फ़रेंस और एजेंट्स के दौरान कॉन्फ़िडेंशियल AI वर्कफ़्लो को सपोर्ट करता है, जिससे एंटरप्राइज़ और सॉवरेन AI प्रोग्राम अलग-थलग प्रयोगों से आगे बढ़ते हुए 4-5 गुना तेज़ी से उत्पादन कर सकते हैं और उन्हें वेरिफ़ाई करने योग्य सुरक्षा और पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा की सुविधा मिलती है।
TII और ATRC के लिए, यह ट्रांज़ैक्शन एक सोची-समझी रणनीति की पुष्टि करता है: बुनियादी क्रिप्टोग्राफ़ी शोध में निवेश करना, उसे विश्व-स्तरीय लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर साबित करना, फिर उसे प्लैटफ़ॉर्म और ग्राहक आधार वाले पार्टनर्स के ज़रिए दुनिया भर में उपलब्ध करवाकर उसे व्यापक स्तर पर लागू करना। आबू धाबी में विकसित की गई बुनियादी AI टेक्नोलॉजी को अब हर महाद्वीप पर वित्तीय सेवाओं, हेल्थकेयर, सरकारी और एंटरप्राइज़ SaaS में डिप्लॉय किया जाएगा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अगली पीढ़ी के भरोसेमंद AI को सशक्त बनाने वाले क्रिप्टोग्राफ़िक इन्फ़्रास्ट्रक्चर के निर्माता के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
TII की चीफ़ एक्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर, डॉ. नजवा आराज ने कहा, "हमने ये क्रिप्टोग्राफ़िक टेक्नॉलजी AI की एक बुनियादी चुनौती से निपटने के लिए विकसित की हैं: यानी, गोपनीयता या भरोसे से समझौता किए बिना बेहद संवेदनशील डेटा के साथ काम करने के लिए शक्तिशाली मॉडल को कैसे सक्षम बनाया जाए।" "इसे बाज़ार में लाने के लिए OPAQUE सबसे सही पार्टनर था, क्योंकि उसने पहले ही इसे बड़े पैमाने पर डिप्लॉय करने के लिए एंटरप्राइज़ प्लैटफ़ॉर्म और कस्टमर बेस तैयार कर लिया है।" अप्लाइड रिसर्च का मकसद यही होता है — आबू धाबी में विकसित की गई फ़ाउंडेशनल टेक्नोलॉजी, जो अब लैब से बाहर निकलकर रियल-वर्ल्ड में वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।"
इस घोषणा को 'Make it in the Emirates' में और भी ज़्यादा प्रचार दिया गया, जिसमें आबू धाबी में विकसित की गई टेक्नोलॉजी के यूएई की प्रयोगशालाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिप्लॉयमेंट तक के सफ़र पर ज़ोर दिया गया और यूएई में निर्मित और दुनिया भर में अपनाई जाने वाली बेहतरीन टेक्नोलॉजी के निर्माता के रूप में देश की बढ़ती भूमिका को मज़बूती दी गई।