अलेक्ज़ेंड्रा पटेल
अबू धाबी ऑटोनॉमस रेसिंग लीग (A2RL) ड्रोन चैंपियनशिप ने ऑटोनॉमस और इंसानी प्रदर्शन का कड़ा इम्तिहान लिया। टेक्नोलॉजी इनोवेशन इंस्टिट्यूट की TII Racing टीम ने सबसे तेज़ी से ऑटोनॉमस लैप पूरा करके AI स्पीड चैलेंज जीता, जबकि वर्ल्ड FPV चैम्पियन, ह्यूमन-फ़र्स्ट-पर्सन-व्यू (FPV) पायलट, मिंचान किम ने मानव बनाम AI के फ़ाइनल मुकाबले में बेहद मामूली अंतर से जीत हासिल की।
ऐडवांस्ड टेक्नोलॉजी रिसर्च काउंसिल (ATRC) की इनोवेशन एक्सेलेरेशन शाखा, ASPIRE द्वारा आयोजित इस इवेंट में विज़न-बेस्ड ऑटोनॉमी की तेज़ प्रगति और मशीन के तेज़ गति से काम करने की क्षमता और इंसानी सूझ-बूझ के बीच के सूक्ष्म अंतर को उजागर किया गया।
UMEX के दौरान 21–22 जनवरी तक दो दिनों के लिए आयोजित A2RL चैम्पियनशिप में, AI रिसर्च की जानी-मानी टीमों और विश्व-स्तरीय FPV पायलट्स ने हिस्सा लिया और असल दुनिया की रेसिंग परिस्थितियों में कई रेस फ़ॉर्मेट में मुकाबला करते हुए परसेप्शन, निर्णय लेने और नियंत्रण की क्षमताओं को परखा। पूरी प्रतियोगिता में कुल USD 6,00,000 की धनराशि का इनाम दिया गया।
TII रेसिंग ने AI स्पीड चैलेंज में चैंपियनशिप बेंचमार्क सेट किया
AI स्पीड रेस में, TII Racing ने चैंपियनशिप का सबसे तेज़ प्रदर्शन किया और 12.032 सेकंड में लैप पूरा करके नया बेंचमार्क दर्ज किया, जो सभी प्रतिस्पर्धियों में सबसे तेज़ था। MAVLAB ने 12.832 सेकंड का समय लिया, जिससे ज़ाहिर होता है कि इस फ़ील्ड के बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच प्रदर्शन का अंतर कम होता जा रहा है।
ASPIRE के CEO, स्टेफ़ने टिम्पानो ने कहा, “इस साल जो बात सबसे अलग है, वह है पूरे क्षेत्र में हुई सामूहिक प्रगति। सीज़न 1 की तुलना में, टीमें ज़्यादा स्थिरता और निरंतरता के साथ ज़्यादा तेज़ गति हासिल कर रही हैं, जिसका लगभग पूरा श्रेय सॉफ़्टवेयर में हुई प्रगति को जाता है। यह प्रगति दिखाती है कि खुले और प्रतिस्पर्धी माहौल में चुनौती दिए जाने पर ऑटोनॉमस क्षमता कितनी तेज़ी से परिपक्व हो रही है।”
AI स्पीड रेस ऑटोनॉमस क्षमताओं को शुद्धता और स्वाभाविकता की कसौटी पर परखती है। इसमें बिना किसी अन्य ड्रोन के दखल के बिलकुल साफ़-सुथरे ट्रैक पर परसेप्शन की सटीकता, कंट्रोल की बारीकि और अधिकतम रफ़्तार पर विशेष रूप से फ़ोकस किया जाता है। इस साल के नतीजे विज़न-बेस्ड ऑटोनॉमी और ऑनबोर्ड निर्णय-क्षमता में हुई स्पष्ट प्रगति को दर्शाते हैं, जिसका इकलौता कारण एल्गोरिदम में हुआ सुधार है।
TII Racing के टेक्निकल डायरेक्टर, जियोवानी पाउ ने कहा, “सबसे कम समय में लैप पूरा करना हमारे सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट और टेस्टिंग की गहराई को दर्शाता है। ऑटोनॉमी की इस खालिस चुनौती में इस स्तर का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि अनुशासित, विज़न-आधारित प्रणालियाँ, कठिनतम चुनौतियों में परखे जाने पर क्या कुछ नहीं कर सकतीं।”
मल्टी-ड्रोन रेसिंग ने साझा हवाई क्षेत्र में ताल-मेल को परखा
AI मल्टी-ड्रोन रेस फ़ॉर्मैट्स में व्यक्तिगत रफ़्तार के बजाय साझा हवाई क्षेत्र में आपसी ताल-मेल पर फ़ोकस किया गया। दबाव की स्थिति में भी ज़बरदस्त मल्टी-एजेंट प्लानिंग और निरंतरता का प्रदर्शन करते हुए, MAVLAB ने मल्टी-ड्रोन गोल्ड रेस में जीत हासिल की। FLYBY ने मल्टी-ड्रोन सिल्वर रेस में पहला स्थान हासिल किया, जिससे चैंपियनशिप के क्षेत्र में बढ़ती गहराई और प्रतिस्पर्धात्मकता उजागर हुई।
इन रेसों में रियल-टाइम टकराव से बचाव, ट्रैजेक्ट्री प्लानिंग और बदलते माहौल में स्थिर प्रदर्शन की क्षमता को परखा गया—जो ऑटोनॉमस हवाई प्रणालियों की सबसे पेचीदा चुनौतियों में शामिल हैं।
इंसान बनाम AI फ़िनाले: बेस्ट-ऑफ़-नाइन मुकाबला बेहद करीबी रहा
इंसान बनाम AI चैलेंज ने सबसे निर्णायक पलों में से एक के साथ चैंपियनशिप को यादगार बना दिया, जब जीत का फ़ैसला आखिरी रेस में हुआ। वर्ल्ड FPV चैंपियन, मिनचैन किम ने TII Racing के खिलाफ़ बेस्ट-ऑफ़-नाइन मुकाबले में हिस्सा लिया, जहाँ दोनों प्रतिस्पर्धी चार-चार जीत के साथ बराबरी पर रहे।
आखिरी राउंड में, किम ने अपनी बढ़त बनाए रखी, क्योंकि ऑटोनॉमस ड्रोन एक गेट से टकरा गया और फिर संभल नहीं सका, जिससे इंसानी पायलट की जीत तय हो गई।
ऑटोनॉमस प्रणालियों को समान परिस्थितियों में परखा गया
दुनिया के सबसे कुशल इंसानी ड्रोन रेसर्स के साथ ऑटोनॉमस प्रणालियों की सीधी तुलना करते हुए, चैंपियनशिप ने ऐसी परिस्थितियों में AI के प्रदर्शन को परखा, जहाँ तत्काल निर्णय लेने की क्षमता, सटीक नियंत्रण और लगातार दबाव में डटे रहने की ज़रूरत थी।
सभी ड्रोन एक सिंगल फ़ॉरवर्ड-फ़ेसिंग मोनोक्युलर RGB कैमरे और इनर्शियल मेज़रमेंट यूनिट का उपयोग करते हुए पूरी तरह ऑटोनॉमस रूप से मुकाबला करते रहे। यहाँ LiDAR, स्टीरियो विज़न, GPS और एक्सटर्नल पोज़िशनिंग प्रणालियों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी।
न्यूनतम सेंसर वाला यह कॉन्फ़िगरेशन इंसानी पायलट्स के लिए उपलब्ध परसेप्शन के जैसा है और पक्का करता है कि प्रदर्शन में सुधार सेंसर की जटिलता से नहीं, बल्कि AI सॉफ़्टवेयर की वजह से हो. यह तरीका इंसान और मशीन के बीच बराबरी की तुलना को मुमकिन बनाता है, साथ ही वास्तविक दुनिया की सिविलियन ऑटोनॉमी से जुड़ी सीमाओं के अनुरूप भी बना रहता है।
A2RL Summit 3.0 में मुकाबले से लेकर डिप्लॉयमेंट तक हर पहलू पर बारीकी से विचार किया गया
चैंपियनशिप के बाद UMEX के उद्घाटन दिवस पर A2RL Summit 3.0 आयोजित किया गया, जिसमें नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग के अग्रणी लोगों ने इस विषय पर बारीकी से गौर किया कि ऑटोनॉमस रेसिंग से मिली जानकारी प्रतिस्पर्धा के माहौल के आगे जाकर, AI-आधारित प्रणालियों के सुरक्षित और ज़िम्मेदाराना इस्तेमाल में कैसे मदद कर सकती है.
इस शिखर सम्मेलन में सरकार, रिसर्च और उद्योग के वरिष्ठ लीडर्स का योगदान रहा, जिनमें अबूधाबी गेमिंग के चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफ़िसर, सलेम अलबलूशी और सीनियर एनेबलमेंट डायरेक्टर, डू और मार्कोस मुलर-हैबिग तथा अन्य प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल हुईं। चर्चाओं में रेगुलेशन, सिमुलेशन को वास्तविक दुनिया में लाने और लॉजिस्टिक्स, आपात सेवाओं तथा भविष्य में एयर मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में ऑटोनॉमी को अपनाने के तरीकों पर फ़ोकस किया गया।
प्रतिस्पर्धा के अलावा, A2RL एक सार्वजनिक विज्ञान परीक्षण प्लैटफ़ॉर्म के रूप में काम करता है, जहाँ ऑटोनॉमस प्रणालियों पर वर्षों तक किए गए शोध को कुछ ही दिनों में स्पष्ट और मापनीय प्रदर्शन के रूप में सामने लाया जाता है। तेज़ रफ़्तार पर कठिन परिस्थितियों में AI प्रणालियों को परखकर, A2RL ऐसे भरोसेमंद बेंचमार्क प्रदान करता है, जो असली दुनिया में इन प्रणालियों के इस्तेमाल में सीधे तौर पर मदद करते हैं और अप्लाइड रिसर्च, AI तथा ऑटोनॉमस प्रणालियों का वैश्विक केंद्र बनने की अबूधाबी की महत्त्वाकांक्षा को मज़बूती देते हैं।
अलेक्ज़ेंड्रा पटेल